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Bhawina Ben Patel ,भाविना बेन पटेल की जीवनी, खेल, पदक

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 भाविनाबेन पटेल की जीवनी, खेल, पदक                  और उपलब्धियां भाविना बेन पटेल टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। मात्र एक वर्ष की अवस्था में ही वह पोलियो से ग्रस्त हो गई , लेकिन उन्होंने कभी जिन्दगी से हार नहीं मानी और व्हील चेयर पर होने के बावजूद भी उसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता। आइए, इस लेख में भाविना बेन पटेल के बारे में जानकारी प्राप्त करें। भाविना बेन पटेल का पूरा नाम भाविना हंसमुख भाई पटेल है। उनकेे पिता जी हंसमुख भाई देशमुख एक बिजनेस मैन हैं। भाविना का जन्म 06 नवंबर 1986 को गुजरात के मेहसाणा के सुधियां नामक गांव में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा का विस्तृत विवरण तो उपलब्ध नहीं है लेकिन उन्होंने Blind people association  से पढ़ाई की थी, इसकी जानकारी प्राप्त है। भाविना बेन पटेल का नीक नेम भाविना है। जब भाविना मात्र एक वर्ष की थी तो कहीं गिर गई थी और उसे पोलियो ने अपना शिकार बना डाला। भाविना के माता-पिता ने आपरेशन करवाया लेकिन सफलता नहीं मिली। भाविना बेन पटेल हार मानने वाले में नहीं थी और उसने व्ही...

Krishna sobati biography कृष्णा सोबती की जीवनी

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 कृष्णा सोबती की जीवनी, Krishna sobati biography भारत - पाकिस्तान पर जिन लेखकों ने हिंदी में कालजयी रचनाएं लिखीं , उनमें कृष्णा सोबती का नाम अग्रणी है। यशपाल का झूठा - सच, राही मासूम रजा का आधा गांव, भीष्म साहनी का तमस के साथ-साथ कृष्णा सोबती का जिंदगी नामा इस प्रसंग में एक उत्कृष्ट कृति है। हिन्दी कथा साहित्य में कृष्णा सोबती की विशिष्ट पहचान है। कृष्णा सोबती का जन्म 1225 ई में गुजरात ( पश्चिम पंजाब, वर्तमान में पाकिस्तान ) में हुआ था। उनकी प्रमुख रचनाएं निम्नलिखित हैं - जिन्दगी नामा, दिलोदानिश, ऐ लड़की, समय सरगम, ( उपन्यास ), बार से बिछुड़ी, मित्रों मरजानी, बादलों के घेरे, सूरजमुखी अंधेरे के, ( कहानी संग्रह ), हम - हसमत , शब्दों के आलोक में ( शब्द - संस्मरण ) सुप्रसिद्ध लेखिका कृष्णा सोबती को हिंदी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार, हिन्दी अकादमी का शलाका सम्मान, साहित्य अकादमी की महत्तर सदस्यता सहित अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कृष्णा सोबती ने हिंदी साहित्य में में कई ऐसे यादगार चरित्र का निर्माण किया है जिन्हें उनकी लेखनी ने अमर कर द...

Birsa Munda, बिरसा मुंडा की जीवनी

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 बिरसा मुंडा की जीवनी,.         A biography of Birsa Munda बिरसा मुंडा बहादुर और महान देशभक्त थे। मुंडारी आदिवासी उन्हें भगवान के रूप में याद करते हैं। बिरसा मुंडा भारत की आज़ादी के लिए खुलकर संघर्ष किया था। वे इतिहास में जीवित पुरुष हैं। बिरसा मुंडा धोती पहने रहते,शेष वदन नंगा लेकिन सिर पर पगड़ी जरूर रहती। आइए, इस लेख के माध्यम से बिरसा मुंडा के बारे में जानकारी प्राप्त करें। बिरसा मुंडा का जन्म, जन्म स्थान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1874 ई में झारखंड के रांची जिले के उलिहातू नामक एक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम सुगना मुंडा और माता का नाम करमी मुंडा था। उनका परिवार बहुत गरीब था। बड़ी मुश्किल से परिवार का पालन-पोषण होता था। बिरसा मुंडा की शिक्षा बचपन में ही बिरसा ने अपने पिता से तीर - और कमान तथा अन्य हथियार चलाना खीख लिया था। उनका निशाना अचूक था। उनका परिवार बहुत गरीब था इसलिए वे अपनी मौसी के यहां खटंगा नामक गांव में रहने लगे। वहीं एक मिशनरी स्कूल में बिरसा की शिक्षा प्रारंभ हुई। पढ़ने लिखने में भी उनकी गहरी रुचि थी। स्कूल से आकर वे जंगल में मौसी की...

Komalika bari biography, कोमालिका की जीवनी

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कोमालिका बारी की जीवनी, A biography of Komalika bari झारखण्ड की बेटी कोमालिका ने जूनियर विश्व आर्चरी चैम्पियन शीप में स्वर्णिम सफलता प्राप्त कर पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। 19 वर्षीय कोमालिका ने 2019 में कैडेट यूथ विश्व चैंपियन बनी थी। जूनियर और कैडेट आर्चरी में वल्ड चैम्पियन बनने वाली यह दूसरी भारतीय धनुर्धर बाला है। कोमालिका के स्वर्ण पदक से संपूर्ण भारत गौरवान्वित होकर उसमें विश्व चैंपियन दीपिका की छवि देख रहा है। तो आइए, आज हम स्वर्ण पदक विजेता धनुर्धर कोमालिका के बारे में जानकारी प्राप्त करें। बिरसा मुंडा की जीवनी   सुमीत अंतिल की जीवनी कोमालिका झारखंड  जमशेदपुर की बेटी है। 19 वर्षीय कोमालिका टाटा आर्चरी एकेडमी का गौरव है। उसके पिता का नाम घनश्याम बारी एक छोटा सा होटल चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।  और माता का नाम लक्ष्मी बारी है, वह आंगनबाड़ी सेविका हैं। मां लक्ष्मी बारी ने ही अपनी बेटी कोमालिका को तीरंदाजी की ओर प्रेरित किया। कोमालिका बारहवीं की छात्रा है। वह पढ़ने में भी तेज है। दसवीं की परीक्षा में उसने 85 प्रतिशत अंक लाए हैं। स्कूल के शिक्षक उसे...

Sundar Ben Jetha Madharprya, सुंदर बेन जेठा की कहानी एवं परिचय

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 सुंदर बेन जेठा मधार्पर्या की कहानी एवं जीवन परिचय Sundar Ben Jetha Madharprya ki kahani and Jiwan parichay सोनाक्षी सिन्हा की जीवनी अरुणिता कांजीलाल की जीवनी भारत - पाकिस्तान दोनों पड़ोसी मुल्क हैं और दोनों के बीच छोटी - बड़ी लड़ाइयां अक्सर होती ही रहती हैं। लेकिन 1971 ई की भारत - पाकिस्तान युद्ध की बातें हमें आज भी रोमांचित कर देती हैं। इस युद्ध में कई दाव - पेंच खेले गए, दोनों देशों के सैकड़ों सैनिक शहीद हुए, लेकिन जीत भारत की ही हुई। इसे बांग्लादेश मुक्ति संग्राम भी कहा जाता है। इस युद्ध में कई भारतीय वीरांगनाएं भी पुरूष सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही थी। कई वीर महिलाओं ने भारतीय आर्मी की जान बचाने के साथ-साथ एयर वेस का  पुनःनिर्माण भी  किया।  ऐसी ही एक वीरांगना थी बहन सुन्दर बेन जेठा मधार्पर्या जिन्होंने अपनी वीरता और दिलेरी से संकट में पड़े एयरफोर्स के जवानों की जान बचाने के साथ-साथ  गांव की लगभग 300 महिलाओं को एकजुट कर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा ध्वस्त किए गए एयरबेस को 72 घंटे में मरम्मत कर  उड़ान भरने लायक बनाकर अदम्य साहस का परिचय दिय...

Bihari Lal, बिहारी लाल, कवि परिचय

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बिहारी लाल जीवन परिचय, A biography of Biharilal कविवर   बिहारी   लाल   रीतिकाल   के    सर्वश्रेष्ठ   कवि   माने   जाते   हैं।   इनका   जन्म   ग्वालियर   के   पास   बसवा   गोविंदपुर   नामक   गांव   में   1595   ईस्वी   को   हुआ   था।   बिहारी   लाल   माथुर   चौबे   थे।   इनका   बचपन   बुंदेलखंड   में   बीता   था   बाद   में   बिहारी   लाल   वृंदावन   आ   गए   और   वही   मथुरा   के   किसी   ब्राह्मण   परिवार   में   इनका   विवाह   हो   गया।   अपनी   युवावस्था   में   बिहारी   लाल   जी   मथुरा   में   ही   बस   गए।   वही   इनकी   भेंट   बादशाह   शाहजहां   से   हुई।   बादशाह   शाहजहां   के   कविवर   बिहारी ...

Ravindra Nath Tagore biography, रवीन्द्र नाथ टैगोर, जीवनी

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 रवीन्द्र नाथ टैगोर, जीवनी Ravindra Nath Tagore रवीन्द्र नाथ टैगोर का जन्म, जन्म तिथि, जन्म स्थान, रवीन्द्र नाथ टैगोर के माता-पिता, गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर, गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी, शांति निकेतन, गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को सर की उपाधि, रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सर की उपाधि क्यों लौटा दी, गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को नोबल पुरस्कार, रवीन्द्रनाथ टैगोर की रचनाएं, रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा चित्रकारी, रवीन्द्रनाथ टैगोर की विचारधारा, विश्व में कुछ ऐसी प्रतिभाओं का आविर्भाव होता है जिन्हें देश काल की सीमाएं बांध नहीं पातीं। रवीन्द्र नाथ टैगोर ऐसी ही प्रतिभा का नाम है जो न केवल भारत के बल्कि संपूर्ण विश्व के कवि हैं। वास्तविकता तो यह है कि वे केवल कवि ही नहीं , कथाकार, उपन्यासकार, नाटककार, निबंधकार और चित्रकार भी थे। आइए, इस लेख में उनकी संपूर्ण जीवन चरित्र, व्यक्तित्व और कृतित्व का अध्ययन करते हैं। रवीन्द्र नाथ टैगोर का जन्म, जन्म तिथि, जन्म स्थान रवीन्द्र नाथ टैगोर का जन्म 07 मई, 1861 ई को  कोलकाता महानगर के सुप्रसिद्ध ठाकुर परिवार में हुआ था। इनके पिता महर्षि देवेन्...

Samudragupta समुद्रगुप्त की जीवनी

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 समुद्रगुप्त ( 335- 375 ई ) Samudragupta   भारत का वीर और महापराक्रमी योद्धा, जिसे भारत का नेपोलियन कहा जाता है, परिचय , प्रसिद्ध युद्ध , साम्राज्य, सिक्के , विजय अभियान, अश्वमेध यज्ञ, कलाप्रेमी, दरबारी आदि का सविस्तार वर्णन किया गया है । समुद्रगुप्त का सामान्य परिचय समुद्रगुप्त चन्द्रगुप्त प्रथम का पुत्र था। वह वीर, पराक्रमी, उदार और कला का संरक्षक सम्राट था। उसका शासन काल भारत का स्वर्ण काल माना जाता है। समुद्रगुप्त  अपने पिता चन्द्रगुप्त प्रथम के बाद  राजगद्दी पर बैठा। वह अशोक की शांति और अनाक्रमक नीति के विपरीत हिंसा और आक्रमण में विश्वास रखता था। उसकी पत्नी का नाम दत्तदेवी था।  प्रसिद्ध कवि हरिसेन उसके दरबारी कवि थे। उनके अभिलेखों से समुद्रगुप्त के विजय अभियानों का पता चलता है। समुद्रगुप्त के बारे में जानकारी के स्रोत कवि हरिषेण द्वारा लिखित इलाहाबाद के प्रशस्ति लेख के सातवें श्लोक में समुद्रगुप्त के विजय अभियानों का उल्लेख मिलता है। इसी प्रशस्ति लेख के चतुर्थ श्लोक में चन्द्रगुप्त प्रथम द्वारा समुद्रगुप्त के उत्तराधिकारी चुनने जाने का उल्लेख मिलता है। इसके...

Sonakshi Sinha, सोनाक्षी सिन्हा की जीवनी,फिल्मी कैरियर

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 सोनाक्षी सिन्हा की जीवनी, फिल्मी कैरियर, Sonakshi Sinha biography Table of contents सोनाक्षी सिन्हा का जन्म, शिक्षा, माता पिता, फिल्मी कैरियर, हिट फिल्में, शादी की चर्चा, सोनाक्षी सिन्हा के भाई, सोनाक्षी सिन्हा के स्वभाव, सोनाक्षी के पशु प्रेम आदि की चर्चा यहां विस्तार से की गई है। सोनाक्षी सिन्हा का जन्म, माता - पिता, प्रारम्भिक शिक्षा, भाई - बहन सोनाक्षी सिन्हा का जन्म 02 जून, 1987 को पटना में हुआ था लेकिन इनकी परवरिश मुम्बई में हुई। सोनाक्षी शाॅटगन के उपनाम से मशहूर फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा और अभिनेत्री पूनम सिन्हा की पुत्री हैं। लव और कुश इनके जुड़वां भाई हैं। सोनाक्षी इनसे छोटी है। सोनाक्षी सिन्हा को प्यार से सोना और जूनियर शाॅटगन के नाम से भी पुकारा जाता है। सोनाक्षी सिन्हा की प्रारम्भिक शिक्षा आर्य विद्या मंदिर, मुम्बई में हुई। फिर इन्होंने श्रीमती नाथीबाई  दामोदर ठाकुरसी महिला विद्यापीठ से फैशन डिजाइनिंग में स्नातक किया। सोनाक्षी की ऊंचाई 5 फीट 7 इंच है। सोनाक्षी का वजन 90 किलो था लेकिन फिल्मों में आने के लिए इन्होंने अपना वजन 30 किलो तक घटा लिया। इसके लिए उन्हें...

Shiv prasad singh, hindi writer, शिव प्रसाद सिंह, जीवनी, रचनाएं

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 शिव प्रसाद सिंह की जीवनी, रचनाएं, और उपलब्धियां, Shiv Prasad Singh biography सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ शिव प्रसाद सिंह हिन्दी साहित्य के जाने-माने लेखक और अध्यापकों में विशेष स्थान रखते हैं। प्रेमचंद के मरणोपरांत हिन्दी साहित्य में ग्रामीण संस्कृति और समस्याओं को चित्रित करने वाले साहित्यकारों में इनका स्थान सबसे ऊपर है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से एम ए , पीएच डी करने के बाद वहीं हिन्दी विभाग में प्राध्यापक बनकर विद्यार्थियों और शोधार्थियों में इन्होंने खूब नाम कमाया है। अलग-अलग बैतरणी, शैलूष, नीला चांद, मंजुशिमा आदि इनके प्रमुख उपन्यास हैं। आइए, इस लेख में हम शिव प्रसाद सिंह के बारे में जानकारी प्राप्त करें। शिव प्रसाद सिंह की जन्म तिथि, जन्म स्थली, माता पिता एवं पत्नी, प्रारम्भिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा हिन्दी साहित्य के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ शिव प्रसाद सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद अन्तर्गत जलालपुर ( जमानिया)  नामक गांव में एक संभ्रांत मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। इनके पिताजी का नाम चन्द्रिका प्रसाद सिंह एवं माता का नाम कुमारी देवी था। इनकी पत्नी का नाम धर्म...

Ravi Kumar Dahiya

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 रवि कुमार दाहिया : जीवनी, उपलब्धियां,मेडल , Ravi Kumar Dahiya biography, medals दोस्तों ! आज भारतीय पहलवान रवि कुमार दाहिया का नाम प्रत्येक भारतीय के लिए शान और गर्व का विषय है क्योंकि 26 वर्षीय यह पहलवान ने अपनी खेल भावना और शालीनता का परिचय देते हुए टोक्यो ओलंपिक 2020 में रजत पदक प्राप्त किया है। मैच के सेमीफाइनल में विरोधी पहलवान ने इनके बाजू पर अपने दांत गड़ाकर घिनौनी हरकत की , फिर भी रवि कुमार दाहिया ने अपनी पकड़ ढीली नहीं की और सेमीफाइनल मैच जीत लिया।  फाइनल मैच में रसिया के खिलाड़ी को कड़ी टक्कर देने के बावजूद हारकर इन्हें रजत मेडल से ही संतोष करना पड़ा। इनकी ट्रेनिंग दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में कोच सतपाल सिंह और वीरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में हुई। वहीं वे सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त जैसे महान खिलाड़ियों को खेलते देखा था। तो आइए आज हम रवि कुमार दाहिया के जीवन और उपलब्धियों तथा पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करें। राम प्रसाद बिस्मिल की जीवनी   भारतीय पहलवान रवि कुमार दाहिया 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी हैं। ...

Premchand

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प्रेमचंद का जीवन परिचय Premchand, hindi writer मुंशी प्रेमचंद का जन्म (सन् 1880) उत्तर प्रदेश के लमही नामक गाँव में हुआ था। घर की स्थिति  खराब होने के कारण जैसे तैसे बी।  ए।  किया ।   प्रेमचंद आगे पढ़ना चाहते थे, किंतु घर की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें सरकारी स्कूल में नौकरी करनी पड़ी।  मृत्यु 1936 में हुई। प्रमुख रचनाएँ सेवा सदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, निर्मला, कायाकल्प, गवन, गोदान।   उन्होंने लगभग तीन हजार कहानियाँ लिखी हैं जो मानसरोवर नाम से आठ भागों में संग्रहित है।  दो बैलों की कथा, कफ़न, नमक का दारोगा, पूस की रात, पंच परमेश्वर, बड़े घर की बेटी आदि इनकी प्रतिनिधि कहानियां हैं। प्रेमचंद की सौतेली मां ने उनकी शादी उनसे उम्र में बड़ी लड़की से करवा दी थी। वह स्वभाव से बहुत बड़ी क्रूर थी।  प्रेमचंद से उसकी नहीं बनती थी।  बाद में उन्होंने शिवरानी नामक बाल विधवा से विवाह किया। प्रेमचंद हिन्दी कथा साहित्य के शिखर पुरुष माने जाते हैं। जीवन यापन के लिए सरकारी नौकरी मिली थी लेकिन महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर उन्हो...