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अमृत लाल नागर का जीवन परिचय

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  अमृतलाल नागर (1916–1990) हिंदी साहित्य के स्वातंत्र्योत्तर काल के शीर्षस्थ औपन्यासिक और कथाकारों में से एक हैं। वे केवल एक महान लेखक ही नहीं, बल्कि एक सजग सामाजिक चिंतक, पत्रकार, नाटककार और भारतीय संस्कृति के गहरे अध्येता भी थे। लखनऊ की तहज़ीब, भारतीय इतिहास और लोक-जीवन के यथार्थ को जिस जीवंतता के साथ नागर जी ने अपनी रचनाओं में ढाला है, वह हिंदी कथा-साहित्य में अद्वितीय है। जन्म, शिक्षा एवं प्रारंभिक जीवन अमृतलाल नागर का जन्म 17 अगस्त 1916 को आगरा (उत्तर प्रदेश) में एक गुजराती ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम पंडित राजा राम नागर था। नागर जी का बचपन और संपूर्ण जीवन मुख्य रूप से लखनऊ में बीता, जहाँ के वातावरण और संस्कृति का उनकी लेखनी पर गहरा प्रभाव पड़ा। उनकी औपचारिक शिक्षा बहुत अधिक नहीं हो सकी। मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्हें विधिवत पढ़ाई छोड़नी पड़ी। किंतु, स्वाध्याय (स्वयं पढ़ने की लगन) और साहित्य के प्रति उनके अगाध प्रेम ने उन्हें बहुभाषाविद् बना दिया। उन्होंने हिंदी, गुजराती, मराठी, बांग्ला और अंग्रेजी भाषा पर अच...

Neha Bora Biography in Hindi: उम्र, शिक्षा, छात्र राजनीति और चर्चा में रहने की वजह

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Neha Bora Biography in Hindi: उम्र, शिक्षा, छात्र राजनीति और चर्चा में रहने की वजह ब्लॉग श्रेणी: Current Affairs / Biography विषय: नेहा बोरा का जीवन परिचय आज के समय में सोशल मीडिया और देश के युवा आंदोलनों में नेहा बोरा (Neha Bora) एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी हैं। हालांकि वह कोई ऐतिहासिक महापुरुष नहीं हैं, बल्कि वर्तमान दौर की एक प्रखर छात्र नेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता (Activist) हैं, जो लगातार युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं। आइए जानते हैं उनके जीवन, शिक्षा और अब तक के सफर के बारे में। संक्षिप्त परिचय (Quick Info Table) विशेषता विवरण पूरा नाम नेहा बोरा (Neha Bora) पेशा छात्र नेता, एक्टिविस्ट, शोधार्थी (PhD Scholar) वर्तमान पद राष्ट्रीय अध्यक्ष, AISA (All India Students' Association) मूल निवास खटीमा, उत्तराखंड शिक्षा हिंदू कॉलेज (DU), अंबेडकर यूनिवर्सिटी, और JNU (शोध) चर्चा का कारण छात्र आंदोलन, NEET विरोध, और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि (Early Life) नेहा बोरा मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र ...

मैथिल कोकिल विद्यापति

मैथिल कोकिल विद्यापति का जीवन परिचय   विद्यापति भारतीय साहित्य और मैथिली/हिंदी काव्य परंपरा के एक कालजयी कवि, विद्वान और भक्त थे। उन्हें 'मैथिल कोकिल' (मिथिला की कोयल) के नाम से भी जाना जाता है। वे मुख्य रूप से अपने श्रृगारिक और भक्ति रस से परिपूर्ण पदों के लिए विख्यात हैं। यहां विद्यापति का जीवन परिचय विस्तार से पढ़िए। जन्म एवं प्रारंभिक जीवन विद्यापति का जन्म 14वीं शताब्दी के मध्य (अनुमानित 1352 ईस्वी) में बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के बिस्फी नामक  गाँव (वर्तमान मधुबनी जिला) में हुआ था। वे एक सुसंस्कृत और विद्वान ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते थे। उनके पिता का नाम गणपति ठाकुर था, जो स्वयं विद्वान और ओझा जाति के कुलीन ब्राह्मण थे। विद्यापति का परिवार मिथिला के राजवंशों से निकटता से जुड़ा हुआ था। राजदरबार से संबंध विद्यापति केवल एक कवि ही नहीं, बल्कि एक कुशल कूटनीतिज्ञ, राजाश्रित विद्वान कवि और मार्गदर्शक भी थे। उन्हें मिथिला के कर्णाट और ओइनवार राजवंश के शासकों का संरक्षण प्राप्त था। वे राजा शिवसिंह और उनकी रानी लखिमा देवी के अत्यंत प्रिय मित्र एवं दरबार के प्रध...

भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान: शहनाई के जादूगर और सद्भाव के प्रतीक

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  भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का जीवन परिचय  भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान: शहनाई के जादूगर और सद्भाव के प्रतीक प्रस्तावना भारतीय शास्त्रीय संगीत के इतिहास में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का नाम एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज है। उन्होंने जिस 'शहनाई' को कभी केवल शादी-विवाह या मांगलिक अवसरों तक सीमित माना जाता था, उसे देश-विदेश के बड़े-बड़े संगीत मंचों (कंसर्ट हॉल) तक पहुँचाया और शास्त्रीय संगीत का मुख्य वाद्य यंत्र बना दिया। उनका जीवन केवल संगीत साधना ही नहीं, बल्कि भारत की साझी संस्कृति, गंगा-जमुनी तहज़ीब और सादगी का अद्वितीय प्रतीक है। प्रारंभिक जीवन और परिवार उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का जन्म 21 मार्च 1916 को बिहार के डुमरांव (बक्सर) में एक पारंपरिक मुस्लिम संगीतकार परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम 'कमरुद्दीन' था। जब उनके दादा रसूल बख्श खान ने उन्हें पहली बार देखा, तो उनके मुँह से निकला — "बिस्मिल्लाह!" (ईश्वर के नाम से), और यही नाम आगे चलकर विश्वविख्यात हुआ। वे लगभग छह वर्ष की उम्र में अपने मामा अली बख्श 'विलायती' के पास वाराणसी (बनारस)...

राजा राममोहन राय का जीवन परिचय: आधुनिक भारत के जनक और महान समाज सुधारक (Raja Ram Mohan Roy Biography in Hindi)

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  राजा राममोहन राय का जीवन परिचय: आधुनिक भारत के जनक और महान समाज सुधारक (Raja Ram Mohan Roy Biography in Hindi) ​19वीं शताब्दी का शुरुआती दौर भारतीय इतिहास में एक ऐसा समय था जब हमारा समाज अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव, बाल विवाह और सती प्रथा जैसी कुरीतियों के अंधकार में डूबा हुआ था। ऐसे समय में एक ऐसे युगपुरुष का प्रादुर्भाव हुआ जिसने अपनी तार्किक सोच, अदम्य साहस और क्रांतिकारी विचारों से भारतीय समाज की दिशा ही बदल दी। उन्हें दुनिया राजा राममोहन राय के नाम से जानती है। ​उन्हें 'आधुनिक भारत का जनक' (Father of Modern India) , 'भारतीय पुनर्जागरण का पिता' और 'नवप्रभात का तारा' कहा जाता है। उन्होंने भारतीय समाज को मध्यकालीन रूढ़िवादिता से निकालकर आधुनिकता की राह दिखाई। विवरण जानकारी पूरा नाम राजा राममोहन राय जन्म तिथि 22 मई 1772 जन्म स्थान राधानगर गाँव, हुगली जिला (बंगाल) पिता का नाम रमाकांत राय माता का नाम तारिणी देवी निधन 27 सितंबर 1833 (ब्रिस्टल, इंग्लैंड) मुख्य पहचान समाज सुधारक, शिक्षाविद, लेखक, पत्...

Premchand प्रेमचंद: उपन्यास सम्राट का जीवन परिचय

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प्रेमचंद का जीवन परिचय Premchand, hindi writer, उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद  मुंशी प्रेमचंद का जन्म (सन् 1880) उत्तर प्रदेश के लमही नामक गाँव में हुआ था। घर की स्थिति  खराब होने के कारण जैसे तैसे बी।  ए।  किया ।   प्रेमचंद आगे पढ़ना चाहते थे, किंतु घर की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें सरकारी स्कूल में नौकरी करनी पड़ी।  मृत्यु 1936 में हुई। प्रमुख रचनाएँ सेवा सदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, निर्मला, कायाकल्प, गवन, गोदान।   उन्होंने लगभग तीन हजार कहानियाँ लिखी हैं जो मानसरोवर नाम से आठ भागों में संग्रहित है।  दो बैलों की कथा, कफ़न, नमक का दारोगा, पूस की रात, पंच परमेश्वर, बड़े घर की बेटी आदि इनकी प्रतिनिधि कहानियां हैं। प्रेमचंद की सौतेली मां ने उनकी शादी उनसे उम्र में बड़ी लड़की से करवा दी थी। वह स्वभाव से बहुत बड़ी क्रूर थी।  प्रेमचंद से उसकी नहीं बनती थी।  बाद में उन्होंने शिवरानी नामक बाल विधवा से विवाह किया। स्वतंत्रता संग्राम में योगदान  प्रेमचंद हिन्दी कथा साहित्य के शिखर पुरुष माने जाते हैं। जीवन यापन के लिए सरकारी ...

रूपा गांगुली का जीवन परिचय: 'महाभारत' की द्रौपदी से राजनीति के सफर तक ​

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                         रूपा गांगुली  रूपा गांगुली का जीवन परिचय: 'महाभारत' की द्रौपदी से राजनीति के सफर तक ​ भूमिका: भारतीय टेलीविजन के इतिहास में जब भी 'महाभारत' और 'द्रौपदी' के पात्र की बात होती है, तो आँखों के सामने सबसे पहला चेहरा रूपा गांगुली का आता है। अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली आँखों और दमदार संवाद अदायगी से उन्होंने इस किरदार को जीवंत कर दिया था। आज के इस लेख में हम बहुमुखी प्रतिभा की धनी रूपा गांगुली के जीवन, उनके अभिनय सफर और राजनीतिक पारी के बारे में विस्तार से जानेंगे। ​ संक्षिप्त विवरण (At a Glance) ​ पूरा नाम: रूपा गांगुली ​ जन्म: 25 नवंबर, 1966 ​ जन्म स्थान: कल्याणी, पश्चिम बंगाल ​ पेशा: अभिनेत्री, पार्श्व गायिका और राजनीतिज्ञ ​ प्रसिद्धि: 'महाभारत' में द्रौपदी की भूमिका ​ प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ​रूपा गांगुली का जन्म पश्चिम बंगाल के कल्याणी में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में हुई और बाद में उन्होंने कोलकाता के प्रसिद्ध जोगमाया देवी कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्...

​डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम: 'मिसाइल मैन' से 'जनता के राष्ट्रपति' तक का सफर ​1. परिचय

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  ​ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम: 'मिसाइल मैन' से 'जनता के राष्ट्रपति' तक का सफर ​ 1. परिचय ​डॉ. अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम (15 अक्टूबर 1931 – 27 जुलाई 2015) भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। उन्हें 'मिसाइल मैन' के नाम से जाना जाता है। उनका पूरा जीवन सादगी, मेहनत और देशप्रेम की एक अनूठी मिसाल है। ​ 2. जन्म और प्रारंभिक जीवन ​ जन्म: 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक मध्यमवर्गीय तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ। ​ बचपन का संघर्ष: उनके पिता नाव चलाते थे। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण कलाम साहब ने बचपन में अखबार तक बेचे, ताकि अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकें। ​ 3. शिक्षा ​उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रामेश्वरम से पूरी की। ​सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से भौतिक विज्ञान (Physics) में स्नातक किया। ​इसके बाद उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। ​ 4. वैज्ञानिक करियर (ISRO और DRDO) ​ ISRO: भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-III) के विकास में उनकी मुख्य भूमिका रही। ​ मिसाइल क...

आशा भोंसले का जीवन परिचय: संगीत की दुनिया की 'वर्सेटाइल' रानी

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 सुरों की मल्लिका आशा भोसले  आशा भोंसले का जीवन परिचय: संगीत की दुनिया की 'वर्सेटाइल' रानी ​ आशा भोंसले (Asha Bhosle) भारतीय संगीत जगत का वह नाम है जिन्होंने अपनी आवाज़ से सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया है। शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप और कैबरे तक, उन्होंने हर विधा में अपनी महारत साबित की है। ​ संक्षिप्त परिचय (Quick Facts) विवरण जानकारी पूरा नाम आशा भोंसले जन्म 8 सितंबर 1933 जन्म स्थान सांगली, महाराष्ट्र पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर बहन लता मंगेशकर, मीना खडीकर, ऊषा मंगेशकर 2008 में सम्मानित संत नामदेव के पद , मैं न होतौ तुम ना प्रारंभिक जीवन और संघर्ष ​आशा जी का जन्म एक संगीतकार परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और नाट्य कलाकार थे। मात्र 9 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद, परिवार की आर्थिक मदद के लिए आशा जी और उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर ने फिल्मों में गाना और अभिनय करना शुरू कर दिया। ​ करियर की शुरुआत ​आशा भोंसले ने अपना पहला फिल्मी गाना 1943 में मराठी फिल्म 'माझा बाळ...

विराट कोहली की जीवनी short Note for competitive exams

 विराट कोहली की जीवनी बिमल हिंदी निबंध ई पुस्तक महान क्रिकेटर विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को दिल्ली में हुआ था। वे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दुनिया के महान बल्लेबाजों में से एक हैं। विराट कोहली को बचपन से ही क्रिकेट का बहुत शौक था। उन्होंने कम उम्र में ही क्रिकेट की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। उनके पिता का निधन तब हुआ जब वे युवा थे, लेकिन उन्होंने अपने जुनून को कभी कम नहीं होने दिया। करियर की शुरुआत विराट कोहली ने 2008 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। उसी साल उन्होंने ICC Under-19 Cricket World Cup 2008 में भारतीय टीम को जीत दिलाई और कप्तान के रूप में पहचान बनाई। उपलब्धियाँ तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, T20) में शानदार प्रदर्शन कई शतक और रिकॉर्ड अपने नाम Indian Premier League में Royal Challengers Bangalore के लिए खेलते हैं। दुनिया के सबसे फिट और अनुशासित खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। व्यक्तिगत जीवन विराट कोहली ने प्रसिद्ध अभिनेत्री Anushka Sharma से शादी की है। वे अपनी फिटनेस, स्टाइल और एटीट्यूड के लिए युवाओं में बहुत लोकप्रिय हैं। निष्कर्ष विराट क...

Shiv prasad singh, hindi writer, शिव प्रसाद सिंह, जीवनी, रचनाएं

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 शिव प्रसाद सिंह की जीवनी, रचनाएं, और उपलब्धियां, Shiv Prasad Singh biography पक्ष / विषय विवरण जन्म 19 अगस्त 1928 जन्म स्थान जलालपुर गाँव, ज़िला वाराणसी, उत्तर प्रदेश शिक्षा एम.ए. (हिंदी), पी.एच.डी. (काशी हिंदू विश्वविद्यालय - BHU) कार्यक्षेत्र / अध्यापन काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के हिंदी विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष साहित्यिक प्रवृत्ति नयी कहानी आंदोलन, आंचलिकता तथा ऐतिहासिक-सांस्कृतिक उपन्यास प्रसिद्ध उपन्यास अलग-अलग वैतरणी, गली आगे मुड़ती है, नीला चांद, वैश्वानर, शैलूष, कोहरे में युद्ध प्रसिद्ध कहानी संग्रह कर्मनाशा की हार, इन्हें भी इंतज़ार है, आरपार की माला, मुर्दा सराय, शिखरों के सेतु निबंध एवं समीक्षा शिखरों के सेतु, कस्तूरी मृग, आधुनिक परिवेश और साहित्य, विद्यापति प्रमुख पुरस्कार एवं सम्मान साहित्य अकादमी पुरस्कार (1990 - उपन्यास 'नीला चांद' के लिए), व्यास सम्मान निधन 28 सितंबर 1998 सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ शिव प्रसाद सिंह हिन्दी साहित्य के जाने-माने लेखक और अध्यापकों म...

चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, (चंद्रगुप्त द्वितीय) Chandragupta dwitiya

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 चंद्रगुप्त द्वितीय , चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, गुप्त साम्राज्य, शासन, सैनिक अभियान, चंद्रगुप्त द्वितीय के शासन व्यवस्था, धर्म, सिक्के, Chandragupta dwitiya, चंद्रगुप्त द्वितीय का जीवन परिचय, चंद्रगुप्त द्वितीय का जन्म कब हुआ, चंद्रगुप्त द्वितीय के पिता कौन थे, चंद्रगुप्त द्वितीय की राजधानी कहां थी , चंद्रगुप्त द्वितीय का शासन काल, चंद्रगुप्त द्वितीय के सिक्के, चंद्रगुप्त द्वितीय की पत्नी का क्या नाम था, चंद्रगुप्त द्वितीय की पुत्री कौन थी, चंद्रगुप्त द्वितीय की उपाधि, चंद्रगुप्त द्वितीय के नौ रत्नों के नाम बताएं, चंद्रगुप्त द्वितीय ने कौन सा संवत् चलाया, चंद्रगुप्त द्वितीय ने विक्रमादित्य की उपाधि कब धारण की ? चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबारी कवि कौन थे ? चंद्रगुप्त द्वितीय भारतीय इतिहास में क्यों अमर है ?   भारत के इतिहास में गुप्त काल को स्वर्ण काल माना जाता है। इस काल खंड में शासन व्यवस्था, कला, सभ्यता संस्कृति, साहित्य आदि का भरपूर विकास हुआ। समुद्रगुप्त का पुत्र चंद्रगुप्त द्वितीय बड़ा प्रतापी राजा हुए। इनकी राजधानी उज्जयिनी थी। चंद्रगुप्त द्वितीय का शासन काल 375 से 414 ई मान...

A biography of famous poet Jayashankar Prasad, जयशंकर प्रसाद की जीवनी, छायावाद के प्रवर्तक कवि जयशंकर प्रसाद

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         जयशंकर प्रसाद   A biography of famous poet Jayashankar Prasad, जयशंकर प्रसाद की जीवनी, छायावाद के प्रवर्तक कवि जयशंकर प्रसाद जीवनी विवरण  जन्म 30 जनवरी 1889 जन्म स्थान वाराणसी (काशी), उत्तर प्रदेश पारिवारिक पृष्ठभूमि प्रसिद्ध 'सुंघनी साहू' वैश्य परिवार पिता का नाम बाबू देवीप्रसाद साहू माता का नाम मुन्नी देवी शिक्षा औपचारिक शिक्षा क्वींस कॉलेज (वाराणसी) में कक्षा 8 तक; तत्पश्चात घर पर ही संस्कृत, हिंदी, फारसी, अंग्रेजी और उर्दू का स्वाध्याय साहित्यिक युग छायावाद (छायावादी काव्यधारा के प्रवर्तक) प्रमुख काव्य रचनाएँ कामायनी (महाकाव्य), आँसू, झरना, लहर, कानन कुसुम, प्रेम पथिक प्रमुख नाटक चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, अजातशत्रु, राज्यश्री, जनमेजय का नाग-यज्ञ प्रमुख उपन्यास कंकाल, तितली, इरावती (अपूर्ण) प्रमुख कहानी संग्रह छाया, प्रतिध्वनि, आकाशदीप, आंधी, इंद्रजाल निबंध संग्रह काव्य और कला तथा अन्य निबंध मुख्य भाषा-शैली तत्समप्...

प्रेमचंद के जीवन पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर premchand MCQ answer

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  घोष अघोष, अल्पप्राण और महाप्राण, द्वित्व व्यंजन वर्ण प्रेमचंद पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न  Premchand MCQ answer  For compattive exam  प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि  * प्रेमचंद का जन्म कहाँ हुआ था?    * विकल्प: वाराणसी, लखनऊ, कानपुर    * उत्तर: वाराणसी  * प्रेमचंद का असली नाम क्या था?    * विकल्प: नवाब राय, धनपत राय, मुंशी रामचंद्र श्रीवास्तव    * उत्तर: मुंशी रामचंद्र श्रीवास्तव  * प्रेमचंद किस काल के लेखक थे?    * विकल्प: आदिकाल, भक्ति काल, आधुनिक काल    * उत्तर: आधुनिक काल  * प्रेमचंद की शिक्षा किस भाषा में हुई थी?    * विकल्प: हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी    * उत्तर: मुख्यतः उर्दू  * प्रेमचंद ने अपनी पहली कहानी किस उम्र में लिखी थी?    * विकल्प: 12 साल, 15 साल, 18 साल    * उत्तर: 12 साल साहित्यिक योगदान  * प्रेमचंद को किस उपनाम से जाना जाता है?    * विकल्प: उपन्यास सम्राट, कहानी सम्राट, हिंदी साहित्य का पिता    * उत्तर: उपन्यास स...

गुरु गोबिंद सिंह जी: सिख धर्म के दसवें गुरु

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  Guru Gobind Singh Ji Sikh dharam ke daswen guru  गुरु गोबिंद सिंह जी: सिख धर्म के दसवें गुरु पक्ष / विषय विवरण जन्म 22 दिसंबर 1666 (पौष शुक्ल सप्तमी) जन्म स्थान पटना साहिब, बिहार बचपन का नाम गोविंद राय पिता का नाम गुरु तेग बहादुर जी (सिखों के नौवें गुरु) माता का नाम माता गुजरी जी गद्दी सम्हालने की तिथि 11 नवंबर 1675 (नौ वर्ष की आयु में) खालसा पंथ की स्थापना 13 अप्रैल 1699 (बैसाखी के दिन, आनंदपुर साहिब में) चार साहिबजादे साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह प्रमुख साहित्यिक रचनाएँ जाप साहिब, अकाल उस्तति, बचित्तर नाटक (आत्मकथात्मक), चंडी दी वार, जफरनामा (फारसी पत्र) प्रमुख युद्ध आनंदपुर का युद्ध, चमकौर का युद्ध, खदराणा (मुुक्तसर) का युद्ध गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना 1708 में उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का शाश्वत गुरु घोषित किया ('सब सिखन को हुकम है गुरु मान्यो ग्रंथ') जोती जोत (निधन) 7 अक्टूबर 1708 (नांदेड़, महाराष्ट्र) सिख धर्म के दसवें और अंतिम...

वर्णों का उच्चारण स्थान, varno ka uchchatan athan, अक्षर , hindi grammar

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 वर्णों का उच्चारण स्थान, varno ka uchchatan athan, अक्षर , hindi grammar मानव मुख से ध्वनियां मुख के विभिन्न भागों से उच्चरित और अनुशासित होती हैं। विभिन्न वर्णों के उच्चारण स्थान अलग अलग होते हैं। यहां वर्णों के उच्चारण स्थान की जानकारी प्राप्त करें। कंठ -- अ आ क ख ग घ ङ ह और विसर्ग। तालु -- इ ई च छ ज झ ञ य और श। मूर्धा -- ऋ ट ठ ड ढ ण र और ष। दंत -- त थ द ध न ल और स। ओठ -- उ ऊ प फ ब भ म। कंठ - तालु -- ए ऐ। कंठ - ओष्ठ -- ओ औ। दंतोष्ठय -- व। अक्षर किसे कहते हैं ? वर्णों की वह लघुतम इकाई जिसका उच्चारण सांस के एक झटके से हो जाए उसे अक्षर कहते हैं। जैसे - आ, जी, जा, ले, मां, उठ आदि। सभी स्वर वर्णों को अक्षर कहते हैं क्योंकि उनका उच्चारण सांस के एक झटके में ही हो जाता है। लेकिन व्यंजन वर्णों के साथ जब तक कोई स्वर नहीं लगता है तब तक वह अक्षर नहीं बनता है। जैसे - खा, क्या। हिन्दी में एकाक्षरी से लेकर अनेकाक्षरी तक शब्द रचना संभव है, ‌जैसे -- एकाक्षरी -- खा, आ, ओ, जा, गा, हां। दो अक्षरी शब्द -- आओ, कवि, खाया, शाखा, पूजा। तीन अक्षरी शब्द -- आइए, जाइए, कविता, बेचारा, पाइए। चार अक्षरी शब्द -...

महादेवी वर्मा का जीवन परिचय, A biography of Mahadevi Varma

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  महादेवी वर्मा का जीवन परिचय, A biography of Mahadevi Verma महादेवी वर्मा का जन्म, महादेवी वर्मा की शिक्षा - दीक्षा, महादेवी वर्मा की प्रमुख रचनाएं, पुरस्कार पक्ष / विषय विवरण जन्म 26 मार्च 1907 जन्म स्थान फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश उपनाम / उपाधि आधुनिक मीरा पिता का नाम श्री गोविंद प्रसाद वर्मा माता का नाम हेमरानी देवी शिक्षा एम.ए. (संस्कृत), इलाहाबाद विश्वविद्यालय साहित्यिक युग छायावाद प्रमुख काव्य संग्रह नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत, दीपशिखा, यामा (सभी काव्य संग्रहों का संकलन) रेखाचित्र और संस्मरण अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएं, मेरा परिवार, पथ के साथी प्रमुख निबंध संग्रह श्रृंखला की कड़ियाँ, क्षणदा, साहित्यकार की आस्था प्रमुख सम्मान / पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार (1982 - 'यामा' के लिए), पद्म भूषण (1956), पद्म विभूषण (1988 - मरणोपरांत), साहित्य अकादमी फेलोशिप (1979) संपादन कार्य 'चाँद' पत्रिका का संपादन निधन 11 सितंबर 1987 (इलाहाबाद / प्रयागराज) आधुनिक मी...