Sundar Ben Jetha Madharprya, सुंदर बेन जेठा की कहानी एवं परिचय

 सुंदर बेन जेठा मधार्पर्या की कहानी एवं जीवन परिचय

Sundar Ben Jetha Madharprya ki kahani and Jiwan parichay

Sundar Ben Jetha Madharprya


अरुणिता कांजीलाल की जीवनी


भारत - पाकिस्तान दोनों पड़ोसी मुल्क हैं और दोनों के बीच छोटी - बड़ी लड़ाइयां अक्सर होती ही रहती हैं। लेकिन 1971 ई की भारत - पाकिस्तान युद्ध की बातें हमें आज भी रोमांचित कर देती हैं। इस युद्ध में कई दाव - पेंच खेले गए, दोनों देशों के सैकड़ों सैनिक शहीद हुए, लेकिन जीत भारत की ही हुई। इसे बांग्लादेश मुक्ति संग्राम भी कहा जाता है। इस युद्ध में कई भारतीय वीरांगनाएं भी पुरूष सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही थी। कई वीर महिलाओं ने भारतीय आर्मी की जान बचाने के साथ-साथ एयर वेस का  पुनःनिर्माण भी  किया।  ऐसी ही एक वीरांगना थी बहन सुन्दर बेन जेठा मधार्पर्या जिन्होंने अपनी वीरता और दिलेरी से संकट में पड़े एयरफोर्स के जवानों की जान बचाने के साथ-साथ  गांव की लगभग 300 महिलाओं को एकजुट कर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा ध्वस्त किए गए एयरबेस को 72 घंटे में मरम्मत कर  उड़ान भरने लायक बनाकर अदम्य साहस का परिचय दिया था। आइए इस लेख में सुन्दर बेन जेठा मधार्पर्या की कहानी और जीवन परिचय विस्तार से समझते हैं।

सुंदर बेन जेठा मधार्पर्या की जीवनी : एक नज़र में


नाम --- सुंदर बेन जेठा मधार्पर्या

व्यवसाय ----  सामाजिक कार्यकर्ता

जन्म तिथि ---- पता नहीं

पहचान ---- 1971 ई के भारत-  पाकिस्तान युद्ध में महत्वपूर्ण योगदान।

फिल्म का नाम --- भुंज : द प्राइड ऑफ इंडिया

फिल्म में किरदार ---- सोनाक्षी सिन्हा

सुंदर बेन जेठा मधार्पर्या और 1971 ई का भीषण युद्ध


03 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने आपरेशन चंगेज खान के नाम से भारत पर आक्रमण कर दिया। इसे बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के नाम से भी लोग जानते हैं क्योंकि इस युद्ध के बाद पूर्वी पाकिस्तान जो भारत के पूर्व दिशा में स्थित था, बांग्लादेश के नाम से विश्व के मानचित्र पर अंकित हो गया है। 

1971 ई में भारत - पाकिस्तान युद्ध 03 दिसंबर 1971 से 16 दिसंबर 1971ई तक चला। इस युद्ध में भुंज एयरबेस की कमान स्कवांडर लीडर विजय कुमार कार्निक के हाथों में थी। युद्ध विकराल रूप धारण कर लिया था। लगातार गोलीबारी और राकेटों से हमला कर पाकिस्तानी सैनिकों ने भुंज एयरबेस को लगभग तबाह ही कर दिया था। पलड़ा पाकिस्तानी सैनिकों का भाड़ी पड़ने लगा क्योंकि भुंज एयरबेस की तबाही से भारतीय लड़ाकू विमान की उड़ान कमजोर पड़ गई थी।  

सुंदर बेन जेठा मधार्पर्या ने पास के माधोपुर गांव से 299 दिलेर और हिम्मतवाली महिलाओं की एक दल तैयार कर न सिर्फ फौजियों की जान बचाई , बल्कि मात्र 72 घंटे में टूटे बिखड़े एयरबेस को विमान उड़ाने के लायक बना दिया। ऐसी थी सुन्दर बेन जेठा मधार्पर्या और माधोपुर गांव की 299 वीरांगनाएं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना भारतीय सैनिकों की मदद की। फिर युद्ध की दिशा ही बदल गई और भारत जीत गया। युद्ध समाप्त हो जाने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने सभी को पुरस्कृत और सम्मानित किया। सुंदर बेन जेठा मधार्पर्या की कहानी भारतीय महिलाओं को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

भुंज द प्राइड ऑफ इंडिया फिल्म में सुन्दर बेन जेठा मधार्पर्या की किरदार दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा ने बखूबी निभाया है। उनके अभिनय की खूब तारीफ हो रही है। अभिनेता अजय देवगन, संजय दत्त, नोरा फतेही,एमी वर्क आदि ने अच्छा अभिनय किया है। निर्देशक अभिषेक दुधैया और गिन्नी खानूजा है।

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