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हिंदी भाषा और लिपि Hindi language, script

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 हिंदी भाषा संक्षिप्त परिचय , Hindi language and script,lipi, bhasha भाषा किसे कहते हैं, भाषा की परिभाषा, भाषा की विशेषताएं, भाषा की उत्पत्ति, भाषा के प्रकार, मानक भाषा भाषा किसे कहते हैं ? मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । समाज में रहकर उसे विभिन्न प्रकार के कार्यों और उत्तरदायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है । इस क्रम में वह अन्य लोगों के साथ विचार-विमर्श करता है तथा अपने विचारों का आदान प्रदान करता है। प्रारंभ में यह कार्य संकेतों के द्वारा ही संपन्न हो जाता होगा क्योंकि तब उनकी आवश्यकताएं सीमित थी, किंतु धीरे धीरे मानवीय आवश्यकताओं में वृद्धि हुई और एक ऐसे माध्यम की आवश्यकता महसूस होने लगी जिसके द्वारा विचारों का पूर्ण आदान-प्रदान संभव हो सके । चिंतनशील मानव मन विचार अभिव्यक्ति के लिए व्याकुल हो उठा और कालांतर में उसके मुख से वाणी रूपी सार्थक ध्वनियों की धारा प्रवाहित हो गई। इस प्रकार मनुष्य धीरे-धीरे बोलकर अथवा लिखकर अपने अपने विचारों को दूसरे लोगों तक संप्रेषित करने लगा। वास्तव में मनुष्य ही ईश्वर की वह अनुपम कृति है जिसे मां बागेश्वरी ने भावाभिव्यक्ति  के लिए वाणी की विभूति ...

महादेवी वर्मा का जीवन परिचय, A biography of Mahadevi Varma

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  महादेवी वर्मा का जीवन परिचय, A biography of Mahadevi Verma महादेवी वर्मा का जन्म, महादेवी वर्मा की शिक्षा - दीक्षा, महादेवी वर्मा की प्रमुख रचनाएं, पुरस्कार आधुनिक मीरा के नाम से विख्यात छायावाद की प्रमुख स्तंभ महादेवी वर्मा का आविर्भाव हिंदी जगत के लिए महानतम उपलब्धि है । इनका जन्म 1907 ईस्वी में उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक धार्मिक और संपन्न परिवार में हुआ था। इनके पिता एक नामी गिरामी वकील थे और मां ममता की साक्षात मूर्ति गृहस्थ स्त्री।  महादेवी जी की शिक्षा पहले जबलपुर और फिर इलाहाबाद में हुई । सन 1932 में इन्होंने प्रयाग विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. की उपाधि प्राप्त की। वे प्रयाग महिला विद्यापीठ की आचार्या नियुक्त हुई और बाद में वहीं कुलपति भी बनी। विक्रम , कुमायूं तथा दिल्ली विश्वविद्यालयों ने इन्हें डी लीट की मानद उपाधि प्रदान की है । इनकी साहित्यिक ,शैक्षिक तथा सामाजिक सेवाओं के लिए भारत सरकार ने इन्हें पद्मभूषण अलंकार से विभूषित किया है। उनकी काव्य कृति यामा के लिए उन्हें 1982  ई में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्था...

सैयद अमीर अली 'मीर' हिन्दी कवि की जीवनी, A biography of Saiyad Amir Ali Meer, Hindi poet.

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 सैयद अमीर अली 'मीर' हिन्दी कवि की जीवनी, A biography of Saiyad Amir Ali Meer, Hindi poet.  हिन्दी साहित्य  के द्विवेदी युग के कवि सैयद अमीर अली मीर       ( 1873 - 1937 ) का जन्म सागर मध्यप्रदेश में हुआ था। बचपन में ही पिता की मृत्यु हो जाने के कारण यह अपने चाचा के पास सागर जिले के देवरी नामक गांव में रहने लगे। साहित्य के क्षेत्र में इनका प्रवेश समस्या पूर्ति के कारण हुआ। इनके कारण देवरी में अमीर मंडल कवि समाज की स्थापना हुई। सैयद अमीर अली मीर हिंदी के बहुत प्रेमी थे और हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के समर्थक थे ।रामचरितमानस के प्रति इनका विशेष अनुराग था। "उलाहना पंचक" और "अन्योक्ति शतक " इनकी मुख्य काव्य कृतियां हैं। सैयद अमीर अली मीर की कविताओं के मुख्य विषय ईश्वर भक्ति और देश प्रेम है ।इनकी भाषा परिमार्जित खड़ी बोली है ।द्विवेदी युग के यह प्रमुख कवि माने जाते हैं।