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सितंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Saiyad Haidar raja biography सैयद हैदर रजा की जीवनी

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Saiyad Haidar raja biography,                 सैयद हैदर रजा की जीवनी सैयद हैदर रजा एक चित्रकार, सैयद हैदर रजा का जन्म, शिक्षा, सैयद हैदर रजा की चित्रकला में भारतीय और पश्चिमी कला का मेल। सैयद हैदर रजा की कला में रंगों की व्यापकता और अध्यात्म की गहराई। 11th NCERT Hindi. आधुनिक भारतीय चित्रकला को जिन कलाकारों ने नया और आधुनिक स्थान दिया है उनमें सैयद हैदर रजा का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। इतना ही नहीं , सैयद हैदर रजा केवल इसी उपलब्धि के लिए सम्मानित नहीं होते, उनके सम्मान का एक और बड़ा कारण है कि उन्होंने आधुनिक भारतीय कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। इस तरह उनका नाम हुसैन और सूजा के साथ अगली पंक्ति में लिया जाता है। सोलह करोड़ में बिकी थी इनकी पेंटिंग। तो आइए, हम सैयद हैदर रजा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हैं। सैयद हैदर रजा का जन्म सन् 1922 ई में मध्यप्रदेश (भारत ) के बाबरिया नामक गांव में हुआ था। सैयद हैदर रजा ने चित्रकला की शिक्षा नागपुर स्कूल आफ आर्ट, व सर जे. जे. स्कूल आफ आर्ट , मुम्ब...

Shershah Suri , शेरशाह सूरी, जीवनी, संघर्ष,शासन व्यवस्था

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 शेरशाह सूरी (1540 - 1545 ) जीवनी, शासन व्यवस्था, युद्ध, जीवन संघर्ष,  शेरशाह का जन्म, शेरशाह के बचपन का नाम, शेरशाह के माता-पिता, फरीद खां का नाम शेर खां क्यों पड़ा। शेरशाह का विवाह, शेरशाह का शासन काल, शेरशाह की मृत्यु, शेरशाह सूरी द्वारा किए गए कार्य। ग्रैंड टैंक रोड । पक्ष / विषय विवरण जन्म 1486 (कुछ इतिहासकारों के अनुसार 1472) जन्म स्थान सासाराम (बिहार) या बजवाड़ा (होशियारपुर, पंजाब) मूल नाम (बचपन का नाम) फरीद खान पिता का नाम हसन खान (जौनपुर के जगीरदार) 'शेर खान' की उपाधि बिहार के बहार खान लोहानी द्वारा एक ही वार में शेर को मारने पर दी गई साम्राज्य सूरी साम्राज्य (द्वितीय अफ़गान साम्राज्य) शासन काल 1540 - 1545 (5 वर्ष) प्रमुख युद्ध चौसा का युद्ध (1539 - हुमायूँ को हराया), कन्नौज/बिलग्राम का युद्ध (1540 - हुमायूँ को भारत छोड़ने पर मजबूर किया), गिरी-सुमेल का युद्ध (1544 - मालदेव राठौड़ के खिलाफ) प्रशासनिक व आर्थिक सुधार रुपया (178 ग्रेन का चाँदी का सिक्का) की शुरुआत, दाम (तांबे का सिक्का), डाक व्य...

Mahatma Gandhi, महात्मा गांधी

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 महात्मा गांधी, Mahatma Gandhi महात्मा गांधी प्राणी मात्र के हितचिंतक थे। उनके लिए अपना - पराया , देशी - विदेशी सभी बराबर थे। यही कारण है कि उन्हें महामानव की संज्ञा दी जाती है और सत्य , अहिंसा तथा शांति का अग्रदूत माना जाता है। भारतवासी उन्हें बापू और राष्ट्र पिता कहते हैं। महात्मा गांधी का जन्म एवं शिक्षा महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहन दास करमचंद गांधी है। महात्मा गांधी का जन्म 02 अक्टूबर, 1869 में गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान में हुआ था। इनके पिताजी का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था। महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता और बापू कहकर भी संबोधित किया जाता है। महात्मा गांधी की प्रारम्भिक शिक्षा पोरबंदर के पाठशाला में आरंभ हुई। इनकी पत्नी का नाम कस्तूरबा गांधी है। 1887 ई में इन्होंने इंट्रेंस की परीक्षा पास की। उच्च शिक्षा के लिए इनका नामांकन श्याम लाल कालेज , भावनगर में कराया गया। परन्तु, वहां इनका मन नहीं लगा। मोहन दास करमचंद गांधी के भाई लक्ष्मी दास जी इन्हें बैरिस्टर की पढ़ाई के लिए विदेश भेजना चाहते थे। किंतु इनकी माता जी इसके लिए तैयार नहीं थीं। उन्हें लगता था कि मेरा मोह...

Rajiya Sajjad jahir, रज़िया सज्जाद ज़हीर

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 रज़िया सज्जाद ज़हीर का जीवन परिचय,A biography of Rajiya Sajjad jahir रज़िया सज्जाद ज़हीर मूलतः ऊर्दू कहानी लेखिका हैं। उनका जन्म  15 फरवरी, 1917 को अजमेर, राजस्थान में हुआ था। और उनका निधन 18 दिसम्बर , 1979 को हुआ। रज़िया सज्जाद ज़हीर की प्रमुख रचनाएं हैं - जर्द़ गुलाब।( ऊर्दू कहानी संग्रह ) सम्मान -- सोवियत भूमि नेहरू पुरस्कार, ऊर्दू अकादमी, उत्तर प्रदेश, अखिल भारतीय लेखिका संघ अवार्ड। रज़िया सज्जाद ज़हीर लिखती हैं - हमारे दृढ़ संकल्प ही हमारी ताकत है, हमारा लिखना ही हमें जिन्दा रखता है। रज़िया सज्जाद ज़हीर घर पर ही रहकर बी. ए. तक की शिक्षा प्राप्त की थी। विवाह के बाद उन्होंने इलाहाबाद से ऊर्दू में एम. ए. किया। 1947 में वह अजमेर से लखनऊ आ गई। उन्होंने करामात हुसैन गर्लस कालेज में अध्यापन करने लगीं। सन् 1965 में उनकी नियुक्ति सोवियत सूचना विभाग में हुई। मधुमेह( diabetics ) की नई तकनीक दवा  आधुनिक ऊर्दू कथा साहित्य में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहानी और उपन्यास दोनों लिखे हैं। ऊर्दू में बाल साहित्य पर भी उन्होंने लेखनी चलाई है। मौलिक लेखन के साथ-साथ उन्होंने अन्...