संदेश

राजा राममोहन राय का जीवन परिचय: आधुनिक भारत के जनक और महान समाज सुधारक (Raja Ram Mohan Roy Biography in Hindi)

चित्र
  राजा राममोहन राय का जीवन परिचय: आधुनिक भारत के जनक और महान समाज सुधारक (Raja Ram Mohan Roy Biography in Hindi) ​19वीं शताब्दी का शुरुआती दौर भारतीय इतिहास में एक ऐसा समय था जब हमारा समाज अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव, बाल विवाह और सती प्रथा जैसी कुरीतियों के अंधकार में डूबा हुआ था। ऐसे समय में एक ऐसे युगपुरुष का प्रादुर्भाव हुआ जिसने अपनी तार्किक सोच, अदम्य साहस और क्रांतिकारी विचारों से भारतीय समाज की दिशा ही बदल दी। उन्हें दुनिया राजा राममोहन राय के नाम से जानती है। ​उन्हें 'आधुनिक भारत का जनक' (Father of Modern India) , 'भारतीय पुनर्जागरण का पिता' और 'नवप्रभात का तारा' कहा जाता है। उन्होंने भारतीय समाज को मध्यकालीन रूढ़िवादिता से निकालकर आधुनिकता की राह दिखाई। विवरण जानकारी पूरा नाम राजा राममोहन राय जन्म तिथि 22 मई 1772 जन्म स्थान राधानगर गाँव, हुगली जिला (बंगाल) पिता का नाम रमाकांत राय माता का नाम तारिणी देवी निधन 27 सितंबर 1833 (ब्रिस्टल, इंग्लैंड) मुख्य पहचान समाज सुधारक, शिक्षाविद, लेखक, पत्...

Premchand प्रेमचंद: उपन्यास सम्राट का जीवन परिचय

चित्र
प्रेमचंद का जीवन परिचय Premchand, hindi writer, उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद  मुंशी प्रेमचंद का जन्म (सन् 1880) उत्तर प्रदेश के लमही नामक गाँव में हुआ था। घर की स्थिति  खराब होने के कारण जैसे तैसे बी।  ए।  किया ।   प्रेमचंद आगे पढ़ना चाहते थे, किंतु घर की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें सरकारी स्कूल में नौकरी करनी पड़ी।  मृत्यु 1936 में हुई। प्रमुख रचनाएँ सेवा सदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, निर्मला, कायाकल्प, गवन, गोदान।   उन्होंने लगभग तीन हजार कहानियाँ लिखी हैं जो मानसरोवर नाम से आठ भागों में संग्रहित है।  दो बैलों की कथा, कफ़न, नमक का दारोगा, पूस की रात, पंच परमेश्वर, बड़े घर की बेटी आदि इनकी प्रतिनिधि कहानियां हैं। प्रेमचंद की सौतेली मां ने उनकी शादी उनसे उम्र में बड़ी लड़की से करवा दी थी। वह स्वभाव से बहुत बड़ी क्रूर थी।  प्रेमचंद से उसकी नहीं बनती थी।  बाद में उन्होंने शिवरानी नामक बाल विधवा से विवाह किया। स्वतंत्रता संग्राम में योगदान  प्रेमचंद हिन्दी कथा साहित्य के शिखर पुरुष माने जाते हैं। जीवन यापन के लिए सरकारी ...

रूपा गांगुली का जीवन परिचय: 'महाभारत' की द्रौपदी से राजनीति के सफर तक ​

चित्र
                         रूपा गांगुली  रूपा गांगुली का जीवन परिचय: 'महाभारत' की द्रौपदी से राजनीति के सफर तक ​ भूमिका: भारतीय टेलीविजन के इतिहास में जब भी 'महाभारत' और 'द्रौपदी' के पात्र की बात होती है, तो आँखों के सामने सबसे पहला चेहरा रूपा गांगुली का आता है। अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली आँखों और दमदार संवाद अदायगी से उन्होंने इस किरदार को जीवंत कर दिया था। आज के इस लेख में हम बहुमुखी प्रतिभा की धनी रूपा गांगुली के जीवन, उनके अभिनय सफर और राजनीतिक पारी के बारे में विस्तार से जानेंगे। ​ संक्षिप्त विवरण (At a Glance) ​ पूरा नाम: रूपा गांगुली ​ जन्म: 25 नवंबर, 1966 ​ जन्म स्थान: कल्याणी, पश्चिम बंगाल ​ पेशा: अभिनेत्री, पार्श्व गायिका और राजनीतिज्ञ ​ प्रसिद्धि: 'महाभारत' में द्रौपदी की भूमिका ​ प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ​रूपा गांगुली का जन्म पश्चिम बंगाल के कल्याणी में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में हुई और बाद में उन्होंने कोलकाता के प्रसिद्ध जोगमाया देवी कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्...

​डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम: 'मिसाइल मैन' से 'जनता के राष्ट्रपति' तक का सफर ​1. परिचय

चित्र
  ​ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम: 'मिसाइल मैन' से 'जनता के राष्ट्रपति' तक का सफर ​ 1. परिचय ​डॉ. अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम (15 अक्टूबर 1931 – 27 जुलाई 2015) भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। उन्हें 'मिसाइल मैन' के नाम से जाना जाता है। उनका पूरा जीवन सादगी, मेहनत और देशप्रेम की एक अनूठी मिसाल है। ​ 2. जन्म और प्रारंभिक जीवन ​ जन्म: 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक मध्यमवर्गीय तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ। ​ बचपन का संघर्ष: उनके पिता नाव चलाते थे। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण कलाम साहब ने बचपन में अखबार तक बेचे, ताकि अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकें। ​ 3. शिक्षा ​उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रामेश्वरम से पूरी की। ​सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से भौतिक विज्ञान (Physics) में स्नातक किया। ​इसके बाद उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। ​ 4. वैज्ञानिक करियर (ISRO और DRDO) ​ ISRO: भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-III) के विकास में उनकी मुख्य भूमिका रही। ​ मिसाइल क...

आशा भोंसले का जीवन परिचय: संगीत की दुनिया की 'वर्सेटाइल' रानी

चित्र
 सुरों की मल्लिका आशा भोसले  आशा भोंसले का जीवन परिचय: संगीत की दुनिया की 'वर्सेटाइल' रानी ​ आशा भोंसले (Asha Bhosle) भारतीय संगीत जगत का वह नाम है जिन्होंने अपनी आवाज़ से सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया है। शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप और कैबरे तक, उन्होंने हर विधा में अपनी महारत साबित की है। ​ संक्षिप्त परिचय (Quick Facts) विवरण जानकारी पूरा नाम आशा भोंसले जन्म 8 सितंबर 1933 जन्म स्थान सांगली, महाराष्ट्र पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर बहन लता मंगेशकर, मीना खडीकर, ऊषा मंगेशकर 2008 में सम्मानित संत नामदेव के पद , मैं न होतौ तुम ना प्रारंभिक जीवन और संघर्ष ​आशा जी का जन्म एक संगीतकार परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और नाट्य कलाकार थे। मात्र 9 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद, परिवार की आर्थिक मदद के लिए आशा जी और उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर ने फिल्मों में गाना और अभिनय करना शुरू कर दिया। ​ करियर की शुरुआत ​आशा भोंसले ने अपना पहला फिल्मी गाना 1943 में मराठी फिल्म 'माझा बाळ...

विराट कोहली की जीवनी short Note for competitive exams

 विराट कोहली की जीवनी बिमल हिंदी निबंध ई पुस्तक महान क्रिकेटर विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को दिल्ली में हुआ था। वे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दुनिया के महान बल्लेबाजों में से एक हैं। विराट कोहली को बचपन से ही क्रिकेट का बहुत शौक था। उन्होंने कम उम्र में ही क्रिकेट की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। उनके पिता का निधन तब हुआ जब वे युवा थे, लेकिन उन्होंने अपने जुनून को कभी कम नहीं होने दिया। करियर की शुरुआत विराट कोहली ने 2008 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। उसी साल उन्होंने ICC Under-19 Cricket World Cup 2008 में भारतीय टीम को जीत दिलाई और कप्तान के रूप में पहचान बनाई। उपलब्धियाँ तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, T20) में शानदार प्रदर्शन कई शतक और रिकॉर्ड अपने नाम Indian Premier League में Royal Challengers Bangalore के लिए खेलते हैं। दुनिया के सबसे फिट और अनुशासित खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। व्यक्तिगत जीवन विराट कोहली ने प्रसिद्ध अभिनेत्री Anushka Sharma से शादी की है। वे अपनी फिटनेस, स्टाइल और एटीट्यूड के लिए युवाओं में बहुत लोकप्रिय हैं। निष्कर्ष विराट क...

Shiv prasad singh, hindi writer, शिव प्रसाद सिंह, जीवनी, रचनाएं

चित्र
 शिव प्रसाद सिंह की जीवनी, रचनाएं, और उपलब्धियां, Shiv Prasad Singh biography पक्ष / विषय विवरण जन्म 19 अगस्त 1928 जन्म स्थान जलालपुर गाँव, ज़िला वाराणसी, उत्तर प्रदेश शिक्षा एम.ए. (हिंदी), पी.एच.डी. (काशी हिंदू विश्वविद्यालय - BHU) कार्यक्षेत्र / अध्यापन काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के हिंदी विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष साहित्यिक प्रवृत्ति नयी कहानी आंदोलन, आंचलिकता तथा ऐतिहासिक-सांस्कृतिक उपन्यास प्रसिद्ध उपन्यास अलग-अलग वैतरणी, गली आगे मुड़ती है, नीला चांद, वैश्वानर, शैलूष, कोहरे में युद्ध प्रसिद्ध कहानी संग्रह कर्मनाशा की हार, इन्हें भी इंतज़ार है, आरपार की माला, मुर्दा सराय, शिखरों के सेतु निबंध एवं समीक्षा शिखरों के सेतु, कस्तूरी मृग, आधुनिक परिवेश और साहित्य, विद्यापति प्रमुख पुरस्कार एवं सम्मान साहित्य अकादमी पुरस्कार (1990 - उपन्यास 'नीला चांद' के लिए), व्यास सम्मान निधन 28 सितंबर 1998 सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ शिव प्रसाद सिंह हिन्दी साहित्य के जाने-माने लेखक और अध्यापकों म...

चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, (चंद्रगुप्त द्वितीय) Chandragupta dwitiya

चित्र
 चंद्रगुप्त द्वितीय , चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, गुप्त साम्राज्य, शासन, सैनिक अभियान, चंद्रगुप्त द्वितीय के शासन व्यवस्था, धर्म, सिक्के, Chandragupta dwitiya, चंद्रगुप्त द्वितीय का जीवन परिचय, चंद्रगुप्त द्वितीय का जन्म कब हुआ, चंद्रगुप्त द्वितीय के पिता कौन थे, चंद्रगुप्त द्वितीय की राजधानी कहां थी , चंद्रगुप्त द्वितीय का शासन काल, चंद्रगुप्त द्वितीय के सिक्के, चंद्रगुप्त द्वितीय की पत्नी का क्या नाम था, चंद्रगुप्त द्वितीय की पुत्री कौन थी, चंद्रगुप्त द्वितीय की उपाधि, चंद्रगुप्त द्वितीय के नौ रत्नों के नाम बताएं, चंद्रगुप्त द्वितीय ने कौन सा संवत् चलाया, चंद्रगुप्त द्वितीय ने विक्रमादित्य की उपाधि कब धारण की ? चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबारी कवि कौन थे ? चंद्रगुप्त द्वितीय भारतीय इतिहास में क्यों अमर है ?   भारत के इतिहास में गुप्त काल को स्वर्ण काल माना जाता है। इस काल खंड में शासन व्यवस्था, कला, सभ्यता संस्कृति, साहित्य आदि का भरपूर विकास हुआ। समुद्रगुप्त का पुत्र चंद्रगुप्त द्वितीय बड़ा प्रतापी राजा हुए। इनकी राजधानी उज्जयिनी थी। चंद्रगुप्त द्वितीय का शासन काल 375 से 414 ई मान...

A biography of famous poet Jayashankar Prasad, जयशंकर प्रसाद की जीवनी, छायावाद के प्रवर्तक कवि जयशंकर प्रसाद

चित्र
         जयशंकर प्रसाद   A biography of famous poet Jayashankar Prasad, जयशंकर प्रसाद की जीवनी, छायावाद के प्रवर्तक कवि जयशंकर प्रसाद जीवनी विवरण  जन्म 30 जनवरी 1889 जन्म स्थान वाराणसी (काशी), उत्तर प्रदेश पारिवारिक पृष्ठभूमि प्रसिद्ध 'सुंघनी साहू' वैश्य परिवार पिता का नाम बाबू देवीप्रसाद साहू माता का नाम मुन्नी देवी शिक्षा औपचारिक शिक्षा क्वींस कॉलेज (वाराणसी) में कक्षा 8 तक; तत्पश्चात घर पर ही संस्कृत, हिंदी, फारसी, अंग्रेजी और उर्दू का स्वाध्याय साहित्यिक युग छायावाद (छायावादी काव्यधारा के प्रवर्तक) प्रमुख काव्य रचनाएँ कामायनी (महाकाव्य), आँसू, झरना, लहर, कानन कुसुम, प्रेम पथिक प्रमुख नाटक चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, अजातशत्रु, राज्यश्री, जनमेजय का नाग-यज्ञ प्रमुख उपन्यास कंकाल, तितली, इरावती (अपूर्ण) प्रमुख कहानी संग्रह छाया, प्रतिध्वनि, आकाशदीप, आंधी, इंद्रजाल निबंध संग्रह काव्य और कला तथा अन्य निबंध मुख्य भाषा-शैली तत्समप्...

प्रेमचंद के जीवन पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर premchand MCQ answer

चित्र
  घोष अघोष, अल्पप्राण और महाप्राण, द्वित्व व्यंजन वर्ण प्रेमचंद पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न  Premchand MCQ answer  For compattive exam  प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि  * प्रेमचंद का जन्म कहाँ हुआ था?    * विकल्प: वाराणसी, लखनऊ, कानपुर    * उत्तर: वाराणसी  * प्रेमचंद का असली नाम क्या था?    * विकल्प: नवाब राय, धनपत राय, मुंशी रामचंद्र श्रीवास्तव    * उत्तर: मुंशी रामचंद्र श्रीवास्तव  * प्रेमचंद किस काल के लेखक थे?    * विकल्प: आदिकाल, भक्ति काल, आधुनिक काल    * उत्तर: आधुनिक काल  * प्रेमचंद की शिक्षा किस भाषा में हुई थी?    * विकल्प: हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी    * उत्तर: मुख्यतः उर्दू  * प्रेमचंद ने अपनी पहली कहानी किस उम्र में लिखी थी?    * विकल्प: 12 साल, 15 साल, 18 साल    * उत्तर: 12 साल साहित्यिक योगदान  * प्रेमचंद को किस उपनाम से जाना जाता है?    * विकल्प: उपन्यास सम्राट, कहानी सम्राट, हिंदी साहित्य का पिता    * उत्तर: उपन्यास स...

गुरु गोबिंद सिंह जी: सिख धर्म के दसवें गुरु

चित्र
  Guru Gobind Singh Ji Sikh dharam ke daswen guru  गुरु गोबिंद सिंह जी: सिख धर्म के दसवें गुरु पक्ष / विषय विवरण जन्म 22 दिसंबर 1666 (पौष शुक्ल सप्तमी) जन्म स्थान पटना साहिब, बिहार बचपन का नाम गोविंद राय पिता का नाम गुरु तेग बहादुर जी (सिखों के नौवें गुरु) माता का नाम माता गुजरी जी गद्दी सम्हालने की तिथि 11 नवंबर 1675 (नौ वर्ष की आयु में) खालसा पंथ की स्थापना 13 अप्रैल 1699 (बैसाखी के दिन, आनंदपुर साहिब में) चार साहिबजादे साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह प्रमुख साहित्यिक रचनाएँ जाप साहिब, अकाल उस्तति, बचित्तर नाटक (आत्मकथात्मक), चंडी दी वार, जफरनामा (फारसी पत्र) प्रमुख युद्ध आनंदपुर का युद्ध, चमकौर का युद्ध, खदराणा (मुुक्तसर) का युद्ध गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना 1708 में उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का शाश्वत गुरु घोषित किया ('सब सिखन को हुकम है गुरु मान्यो ग्रंथ') जोती जोत (निधन) 7 अक्टूबर 1708 (नांदेड़, महाराष्ट्र) सिख धर्म के दसवें और अंतिम...

वर्णों का उच्चारण स्थान, varno ka uchchatan athan, अक्षर , hindi grammar

चित्र
 वर्णों का उच्चारण स्थान, varno ka uchchatan athan, अक्षर , hindi grammar मानव मुख से ध्वनियां मुख के विभिन्न भागों से उच्चरित और अनुशासित होती हैं। विभिन्न वर्णों के उच्चारण स्थान अलग अलग होते हैं। यहां वर्णों के उच्चारण स्थान की जानकारी प्राप्त करें। कंठ -- अ आ क ख ग घ ङ ह और विसर्ग। तालु -- इ ई च छ ज झ ञ य और श। मूर्धा -- ऋ ट ठ ड ढ ण र और ष। दंत -- त थ द ध न ल और स। ओठ -- उ ऊ प फ ब भ म। कंठ - तालु -- ए ऐ। कंठ - ओष्ठ -- ओ औ। दंतोष्ठय -- व। अक्षर किसे कहते हैं ? वर्णों की वह लघुतम इकाई जिसका उच्चारण सांस के एक झटके से हो जाए उसे अक्षर कहते हैं। जैसे - आ, जी, जा, ले, मां, उठ आदि। सभी स्वर वर्णों को अक्षर कहते हैं क्योंकि उनका उच्चारण सांस के एक झटके में ही हो जाता है। लेकिन व्यंजन वर्णों के साथ जब तक कोई स्वर नहीं लगता है तब तक वह अक्षर नहीं बनता है। जैसे - खा, क्या। हिन्दी में एकाक्षरी से लेकर अनेकाक्षरी तक शब्द रचना संभव है, ‌जैसे -- एकाक्षरी -- खा, आ, ओ, जा, गा, हां। दो अक्षरी शब्द -- आओ, कवि, खाया, शाखा, पूजा। तीन अक्षरी शब्द -- आइए, जाइए, कविता, बेचारा, पाइए। चार अक्षरी शब्द -...

महादेवी वर्मा का जीवन परिचय, A biography of Mahadevi Varma

चित्र
  महादेवी वर्मा का जीवन परिचय, A biography of Mahadevi Verma महादेवी वर्मा का जन्म, महादेवी वर्मा की शिक्षा - दीक्षा, महादेवी वर्मा की प्रमुख रचनाएं, पुरस्कार पक्ष / विषय विवरण जन्म 26 मार्च 1907 जन्म स्थान फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश उपनाम / उपाधि आधुनिक मीरा पिता का नाम श्री गोविंद प्रसाद वर्मा माता का नाम हेमरानी देवी शिक्षा एम.ए. (संस्कृत), इलाहाबाद विश्वविद्यालय साहित्यिक युग छायावाद प्रमुख काव्य संग्रह नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत, दीपशिखा, यामा (सभी काव्य संग्रहों का संकलन) रेखाचित्र और संस्मरण अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएं, मेरा परिवार, पथ के साथी प्रमुख निबंध संग्रह श्रृंखला की कड़ियाँ, क्षणदा, साहित्यकार की आस्था प्रमुख सम्मान / पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार (1982 - 'यामा' के लिए), पद्म भूषण (1956), पद्म विभूषण (1988 - मरणोपरांत), साहित्य अकादमी फेलोशिप (1979) संपादन कार्य 'चाँद' पत्रिका का संपादन निधन 11 सितंबर 1987 (इलाहाबाद / प्रयागराज) आधुनिक मी...

सैयद अमीर अली 'मीर' हिन्दी कवि की जीवनी, A biography of Saiyad Amir Ali Meer, Hindi poet.

चित्र
 सैयद अमीर अली 'मीर' हिन्दी कवि की जीवनी, A biography of Saiyad Amir Ali Meer, Hindi poet.  हिन्दी साहित्य  के द्विवेदी युग के कवि सैयद अमीर अली मीर       ( 1873 - 1937 ) का जन्म सागर मध्यप्रदेश में हुआ था। बचपन में ही पिता की मृत्यु हो जाने के कारण यह अपने चाचा के पास सागर जिले के देवरी नामक गांव में रहने लगे। साहित्य के क्षेत्र में इनका प्रवेश समस्या पूर्ति के कारण हुआ। इनके कारण देवरी में अमीर मंडल कवि समाज की स्थापना हुई। सैयद अमीर अली मीर हिंदी के बहुत प्रेमी थे और हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के समर्थक थे ।रामचरितमानस के प्रति इनका विशेष अनुराग था। "उलाहना पंचक" और "अन्योक्ति शतक " इनकी मुख्य काव्य कृतियां हैं। सैयद अमीर अली मीर की कविताओं के मुख्य विषय ईश्वर भक्ति और देश प्रेम है ।इनकी भाषा परिमार्जित खड़ी बोली है ।द्विवेदी युग के यह प्रमुख कवि माने जाते हैं।

बाबू वीर कुंवर सिंह जीवन परिचय, A biography of Babu Veer Kunwar Singh

चित्र
 बाबू वीर कुंवर सिंह जीवन परिचय, A biography of Babu Veer Kunwar Singh सन 1857 ई के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह बिहार के शाहाबाद जिले के जगदीशपुर में सन् 1782 ई में हुआ था। इनके पिता का नाम साहब जादा सिंह और माता का नाम पंचरत्न कुंवर था । बाबू साहब जादा सिंह जगदीशपुर रियासत के जमींदार थे। बाबू कुंवर सिंह ने हिंदी , संस्कृत , फारसी आदि की शिक्षा घर पर ही प्राप्त की थी लेकिन इनका मन पढ़ाई से अधिक घुड़सवारी, तलवारबाजी, कुश्ती आदि साहसिक कार्यों में लगता था। सन् 1827 में पिता की मृत्यु के बाद बाबू कुंवर सिंह ने रियासत की जिम्मेदारी संभाली । उन दिनों ब्रिटिश हुकूमत का अत्याचार चरम पर था। कृषि, उद्योग , व्यापार आदि का बहुत बुरा हाल था । लोग त्राहि-त्राहि कर रहे थे। राज रजवाड़ों का भी बुरा हाल था। इससे ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ देशभर में असंतोष फैल गया था। ऐसी स्थिति में बाबू वीर कुंवर सिंह ने ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लेने का संकल्प लिया। उन दिनों जगदीशपुर के जंगलों में बसूरिया बाबा नामक एक प्रसिद्ध संत रहते थे । कहते हैं, उन्होंने ही बाबू वीर कुंवर सिंह को देश भक्ति और स...

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, भारत के प्रथम राष्ट्रपति, जीवन परिचय, Dr.Rajendra Prasad, first president of India , biography

चित्र
 डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, भारत के प्रथम राष्ट्रपति, जीवन परिचय, Dr.Rajendra Prasad, first president of India , biography परीक्षार्थी परीक्षक से भी अधिक योग्य है, यह कथन यदि किसी भारतीय नेता के प्रशस्ति में कहे गए हैं तो वे हैं डॉ राजेंद्र प्रसाद। इनका जन्म 03 दिसंबर 1884 ई को बिहार राज्य के छपरा जिलांतर्गत जीरादेई नामक स्थान में हुआ था। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा उर्दू - फारसी के माध्यम से हुई थी। 1902 ई में इन्होंने इंट्रेंस की परीक्षा में कलकत्ता विश्वविद्यालय में सर्वप्रथम स्थान प्राप्त किया था। फिर इन्होंने एफ . ए, बी. ए , एम . ए., एम. एल की उपाधियां प्राप्त की। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के मन में राजनीति के बीज विद्यार्थी जीवन से ही अंकुरित हो रहे थे। छात्र जीवन में ही इन्होंने कलकत्ता में छात्रों को संगठित करना प्रारंभ कर दिया था। कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन में महात्मा गांधी की नजर इन पर पड़। महात्मा गांधी के अचार विचार से ये काफी प्रभावित हुए। महात्मा गांधी के नेतृत्व में जब चंपारण आंदोलन प्रारंभ हुआ , तो राजेंद्र प्रसाद जी खूब बढ़ चढ़कर हिस्सा लिए। पटना के सदाकत आश्रम की स्थापना में इनका...

सुभाष चंद्र बोस जीवनी, Subhash Chandra Bose biography, Azad Hind fauj

चित्र
  सुभाषचन्द्र बोस का जीवन परिचय a biography of Netaji Subhash Chandra Bose in hindi वीर प्रसूता जननी मां भारती के महान सपूत नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्म उड़ीसा के कटक नामक शहर में 23 जनवरी 1887 को हुआ था। इनके पिताजी श्री राजबहादुर जानकीनाथ बोस नगर के गणमान्य वकील तथा कटक नगर निगम और जिला बोर्ड के प्रधान थे। pradushan essay       (क्लिक करें और पढ़ें) सुभाषचन्द्र बोस की शिक्षा  चंद्र बोस की प्रारंभिक शिक्षा कटक में हुई थी। उन्होंने 1913 ई में मैट्रीक की परीक्षा उत्तीर्ण की। वे बचपन से ही पढ़ने में बड़े मेघावी थे।  मैट्रिक की परीक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए वे कोलकाता के सुप्रसिद्ध  प्रेसिडेंसी कॉलेज में आ गये। 1919 ई में वे भारतीय सिविल सेवा परीक्षा देने लंदन गए। अपने कठोर परिश्रम और मेघाविता का परिचय देते हुए उन्होंने आई सी एस की परीक्षा उत्तीर्ण की। उनकी चतुराई और मेघाविता के बहुत किस्से मशहूर है।  कहते हैं, साक्षात्कार के समय एक अंग्रेज अफसर ने उन्हें एक अंगूठी दिखाते हुए कहा -- ' क्या सुभाषचन्द्र बोस इस अंगूठी से होकर निकल सकता है।‘ उनका ...

सुमित्रानंदन पंत , Sumitranandan pant biography, chayawadi Kavi

चित्र
    सुमित्रानंदन पंत जी का जीवन परिचय सुमित्रा नंदन पंत का जन्म सन् 1900 में अल्मोड़ा (उत्तरांचल) जिले के कौसानी नामक स्थान में हुआ था।  इनका मूल नाम गोसाईं दत्त था।  पंत जी हिंदी साहित्य की प्रमुख प्रवृत्ति छायावाद के महत्त्वपूर्ण स्तम्भ माने जाते हैं।  पंत जी का जन्म स्थान प्राकृतिक वैभव से परिपूर्ण है, इसलिए उनकी कविताओं पर प्रकृति के अनुराग का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है।  पंत जी में वास्तविकता के प्रतिकूल और दारुण रूप के अभाव का कारण भी कुछ सीमा तक प्रकृति के प्रभाव को माना जाता है।  उनके मन में प्रकृति के प्रति इतना मोह पैदा हो गया था कि ये जीवन की नैसर्गिक व्यापकता और अनेकरूपता में पूर्ण रूप से आसक्त न हो सके ---  छोड़ द्रुमों की मृदु छाया तोड़ प्रकृति से भी माया, बाले ते बाल जाल में कैसे उलझा दूं लोचन?  छोड़ अभी से इस जग को।  सुमित्रा नंदन पंत को प्रकृति का सुकुमार कवि कहा जाता है।  हिंदी कविता में प्रकृति को पहली बार प्रमुख विषय बनाने का काम पंत जी ने ही किया है।    सुमित्रा नंदन    पंत जी के जन्म क...