Shabd Shakti शब्द शक्ति किसे कहते हैं ? शब्द शक्ति के प्रकार, अभिधा, लक्षणा, व्यंजना
Shabd Shakti शब्द शक्ति किसे कहते हैं ? शब्द शक्ति के प्रकार, अभिधा, लक्षणा, व्यंजना
शब्द शक्ति किसे कहते हैं ?
शब्द के अर्थ बोधक व्यापार को शब्द शक्ति कहते हैं अर्थात वह व्यापार जिससे शब्द के अंतर्निहित अर्थ पूर्ण व्यक्त होश उठते हैं।
शब्द शक्ति के प्रकार
शब्द शक्ति तीन प्रकार के होते हैं --
अभिधा, लक्ष्या और व्यंजना
1. अभिधा
अभिधा वह शब्द शक्ति है जिससे मुख्य अर्थ अथवा सीधे सीधे निश्चित अर्थ का बोध होता है। इसे मुख्या शक्ति या अग्रिमा शक्ति भी कहते हैं। उदाहरण के लिए यदि हम गदहा शब्द का उच्चारण करते हैं तो हमारे सामने एक निश्चित पशु का रूप उपस्थित हो जाता है। किसी महल, पहाड़ आदि का नहीं। यह शक्ति किसी शब्द का वही अर्थ बताता है जो परंपरा से हम सुनते आ रहे हैं।
2. लक्षणा
मुख्यार्थ के बाधित होने पर रूढ़ी या प्रयोजन के सहारे उससे संबंधित अन्य अर्थ ( लक्ष्यार्थ ) बोधक व्यापार को लक्षणा शब्द शक्ति कहते हैं। वस्तुतः लक्ष्यार्थ का वास्तविक अर्थ न होकर आरोपित अर्थ होता है। यदि कहा जाए कि राम गदहा है। तो यहां गदहा पशु विशेष नहीं है, क्योंकि राम पशु नहीं आदमी है। इसलिए समझने वाले समझ लेते हैं कि राम महामूर्ख है।
3. व्यंजना
अपने अपने अर्थ का बोध करा लेने पर अभिधा एवं लक्षणा के विरत हो जाने पर जिस शक्ति द्वारा अन्य अर्थ ( व्यंज्ञार्थ ) का बोध होता है उसे व्यंजना शब्द शक्ति कहते हैं। व्यंजना शक्ति शब्द के वाच्यार्थ और लक्ष्यार्थ को छोड़कर उसमें अंतर्निहित अकथित अर्थ को द्योतित करती है।
जैसे घंटी बज गई। इस एक वाक्य को सुनते ही कक्षा में पढ़ रहे छात्रों के लिए अर्थ होगा कि छुट्टी हो गई। कुछ के लिए अर्थ होगा कि कमरा बदलना चाहिए। शिक्षक के लिए अर्थ होगा कि कक्षा छोड़ना चाहिए।
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