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वर्ण किसे कहते हैं ? ( परिभाषा, उदाहरण,भेद ), वर्णमाला, varn kise kahte hai, varnamala, Hindi grammar

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घोष अघोष, अल्पप्राण और महाप्राण, द्वित्व व्यंजन वर्ण                         Bimal biography.xyz   वर्ण, वर्णमाला, हिन्दी के वर्णमाला (हिन्दी व्याकरण ) warn, Hindi warn, Hindi warnmala, Hindi letter. Swarn warn, wayanjan varn. वर्ण किसे कहते हैं ? वर्ण  के उदाहरण, वर्ण के भेद, ह्रस्व स्वर, दीर्घ स्वर, प्लूत स्वर। वर्ण भाषा की सबसे लघुतम इकाई है, इसलिए इसके खंड या टुकड़े नहीं किए जा सकते। राम शब्द की ध्वनियों को खंड और विश्लेषण करने पर निम्नलिखित ध्वनियां प्राप्त होती है । र + आ + म् +अ । इन चार ध्वनियों के और खंड संभव नहीं है। इसलिए यह चारों वर्ण है । इसी प्रकार सीता शब्द के खंड और विश्लेषण पर स्+अ+ई+त्+अ +आ ध्वनियां प्राप्त होगी।  यह अखंडित ध्वनियां ही वर्ण है। ' वह मूल ध्वनि जिसके खंड ना हो सके वर्ण कहलाती हैं। ' उदाहरण - अ,ई,उ,क्,च् ,प् आदि। वर्णमाला किसे कहते हैं ? Warnmala kise kahte hai ? वर्णों के क्रमिक समूह को वर्णमाला कहते हैं। हिन्दी देवनागरी वर्णमाला स्वर - अ,आ,इ ,ई,उ,ऊ,ऋ,ए,ऐ,ओ,औ , = 11 व्यंजन -क,ख,ग,...

चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, (चंद्रगुप्त द्वितीय) Chandragupta dwitiya

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 चंद्रगुप्त द्वितीय , चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, गुप्त साम्राज्य, शासन, सैनिक अभियान, चंद्रगुप्त द्वितीय के शासन व्यवस्था, धर्म, सिक्के, Chandragupta dwitiya, चंद्रगुप्त द्वितीय का जीवन परिचय, चंद्रगुप्त द्वितीय का जन्म कब हुआ, चंद्रगुप्त द्वितीय के पिता कौन थे, चंद्रगुप्त द्वितीय की राजधानी कहां थी , चंद्रगुप्त द्वितीय का शासन काल, चंद्रगुप्त द्वितीय के सिक्के, चंद्रगुप्त द्वितीय की पत्नी का क्या नाम था, चंद्रगुप्त द्वितीय की पुत्री कौन थी, चंद्रगुप्त द्वितीय की उपाधि, चंद्रगुप्त द्वितीय के नौ रत्नों के नाम बताएं, चंद्रगुप्त द्वितीय ने कौन सा संवत् चलाया, चंद्रगुप्त द्वितीय ने विक्रमादित्य की उपाधि कब धारण की ? चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबारी कवि कौन थे ? चंद्रगुप्त द्वितीय भारतीय इतिहास में क्यों अमर है ?   भारत के इतिहास में गुप्त काल को स्वर्ण काल माना जाता है। इस काल खंड में शासन व्यवस्था, कला, सभ्यता संस्कृति, साहित्य आदि का भरपूर विकास हुआ। समुद्रगुप्त का पुत्र चंद्रगुप्त द्वितीय बड़ा प्रतापी राजा हुए। इनकी राजधानी उज्जयिनी थी। चंद्रगुप्त द्वितीय का शासन काल 375 से 414 ई मान...